अंतःशिराभ आधान::
विशेषज्ञता वाले आधान
दमा के लिये आधान (इन्फ्यूजन)
यह खास तौर पर गंधक-संवेदी लोगों एवं अन्य दमा रोगियों में कारगर होता है.
विन्दुकित (Macular) आधान
यह आधान उन लोगों में दृष्टि-क्षमता के विकास के लिये नियोजित है जो विन्दुकित / चित्तीदार अपघटन (मॅक्युलर डिजेनेरेशन) से पीड़ित हैं.
ग्लुटेथियन (Glutathione) आधान
यह आधान मस्तिष्क-ऊतकों की सहायता करता है तथा यकृत के निर्विषीकरण को प्रेरित करता है. साथ ही यह कई प्रकार की स्नायविक व्याधियों के उपचार मे भी प्रयुक्त होता है.
C+MC: विटामिन C एवं केसियम (Cesium)
यह आधान गंभीर और पुराने अम्लरक्तक रोगों, जैसेकि कैन्सर, के इलाज में प्रयुक्त होता है.
विटामिन C और केसियम पूरी प्रणाली में क्षारीय गुण की अभिवृद्धि करने में अत्यंत प्रभावी हैं जिसका खास तौर पर कैन्सर के इलाज़ में बहुत ही महत्व है. विटामिन C और केसियम ऐसे पांच तत्वों में से दो हैं जिनके बारे मे विदित है कि वे कैन्सर कोशिका की कोशिका-झिल्ली से आसानी से गुजर सकते हैं.
लाइपोइक (Lipoic) एसिड +MC2
इस आधान से यकृत के काम करना बन्द कर देने की स्थिति, साइरॉसिस, हेपटाइटिस तथा यकृत संबन्धी सभी कार्य-प्रणालियों के सुधार में मदद मिलती है. यह यकृत के कार्य को सामान्य बनाने और इसकी स्थिति सुधारने में अति प्रभावी है. जर्मनी में किये गये शोध अध्ययनों के रिपोर्ट के अनुसार, यह यकृत के "पुनर्निर्माण" में भी सफल सिद्ध हुआ है.
PALT: प्रोलीन, आर्गिनाइन, टायरोसिन
इस अंतःशिराभ संयोजन में अमिनो एसिड शामिल होते हैं जोकि मैट्रिक्स मेटलोप्रोटिनेज निरोधकों को उत्प्रेरित करके अनियंत्रित कोशिकीय प्रतिफलन को रोकने मे कारगर सिद्ध हुए हैं.
PTC: फॉस्फेटाइडिल कोलाइन
अनेक प्रकार की न्यूरॉलोजिकल गड़बड़ियों के उपचार में प्रयुक्त होनेवाला यह आधान मस्तिष्क ऊतकों को लाभ पहुंचाता है तथा यकृत के निर्विषीकरण को उत्प्रेरित करता है.


