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आरोग्य-उपचार::

acupunctureशीत लेजर चिकित्सा

शीत लेज़र चिकित्सा एक प्रकार की विद्युत चिकित्सा (electrotherapy) है. यह विशिष्ट रूप से घावों के ऊपर लाल एवं लगभग अवरक्त प्रकाश का अवलेप है जिससे नर्म ऊतकों को स्वस्थ करने तथा जटिल एवं पुराने से पुराने दर्द के निवारण में सहायता मिलती है. शीत लेज़र चिकित्सा में शीतल एवं उपतापीय लेज़र प्रकाश ऊर्जा से शरीर की कोशिकाओं में जैव-उत्प्रेरित प्रकाश-ऊर्जा को निर्देशित किया जाता है.

किसी क्षति अथवा आवश्यकता से अधिक दवाब की स्थिति में अ-तापीय लेज़र प्रकाश ऊर्जा स्नायु एवं नर्म ऊतक कोशिकाओं की पुनर्स्थिति बहाल करने में उनकी सहायता करती है और इस प्रकार उन स्नायुओं एवं कोशिकाओं को आरोग्य प्राप्त होता है. इस प्रकार के उत्प्रेरण से प्रतिशोथ (ऐंटी-इन्फ़्लैमेट्री) एवं रोग-प्रतिरोध सहायक दोनों ही प्रकार के प्रभावों के साथ स्वास्थ्य सुधार की दर में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है.

शीत लेज़र चिकित्सा एक ऐसी प्रक्रिया विकसित करती है जिससे दर्द, शोथ (इन्फ़्लैमेशन) तथा जलशोथ (एडीमा) में कमी आती है और उपापचय (मेटाबॉलिज्म), रक्त परिवहन और ऊतकों को निरोगी बनाने के कार्य में सुधार होता है.

उपचार 15–20 मिनट चलते हैं और पांच सप्ताह की अवधि में प्रति सप्ताह तीन बार दिये जाते हैं.end of article


DISCLAIMER: The extent of the response to treatment varies from patient to patient — even with similar diagnosis — as the internal bodily environment is unique to each individual patient.

एम.टी.ओ. हॉलिस्टिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा का मतलब है “सम्पूर्ण” व्यक्ति का उपचार करना - भीतर और बाहर. इसमें बाहरी और पर्यावरणीय प्रभावों तथा अन्य बातों के साथ-साथ भौतिक शरीर, विचार और भावनाएँ, आध्यात्मिक सरोकार, शरीर के अन्दर और इर्द-गिर्द के ऊर्जा-क्षेत्र इत्यादि शामिल हैं.

स्थितियाँ जिनका हम उपचार करते हैं एलर्जी, स्वलीनता (Autism), स्वघटित रोग-प्रतिरोधकता सम्बन्धी कठिनाइयां, रक्त-शर्करा सम्बन्धी गड़बड़ी, कैन्सर, हृदय सम्बन्धी स्थितियाँ, पाचन सम्बन्धी दोष, अंतःस्रावी असंतुलन (एड्रिनल, गर्भाशय/ वृषण, पीयूष, थाइराइड), प्रतिरोधक गड़बड़ियां, लसीकावाहिका सम्बन्धी कठिनाइयां, न्यूरॉलोजिकल दोष, मनोवैज्ञानिक दोष (लत, चिन्ता, अवसाद, उद्विग्न- बाध्यतापूर्ण/ भोजन व्यवहार)