आरोग्य-उपचार::
शीत लेजर चिकित्सा
शीत लेज़र चिकित्सा एक प्रकार की विद्युत चिकित्सा (electrotherapy) है. यह विशिष्ट रूप से घावों के ऊपर लाल एवं लगभग अवरक्त प्रकाश का अवलेप है जिससे नर्म ऊतकों को स्वस्थ करने तथा जटिल एवं पुराने से पुराने दर्द के निवारण में सहायता मिलती है. शीत लेज़र चिकित्सा में शीतल एवं उपतापीय लेज़र प्रकाश ऊर्जा से शरीर की कोशिकाओं में जैव-उत्प्रेरित प्रकाश-ऊर्जा को निर्देशित किया जाता है.
किसी क्षति अथवा आवश्यकता से अधिक दवाब की स्थिति में अ-तापीय लेज़र प्रकाश ऊर्जा स्नायु एवं नर्म ऊतक कोशिकाओं की पुनर्स्थिति बहाल करने में उनकी सहायता करती है और इस प्रकार उन स्नायुओं एवं कोशिकाओं को आरोग्य प्राप्त होता है. इस प्रकार के उत्प्रेरण से प्रतिशोथ (ऐंटी-इन्फ़्लैमेट्री) एवं रोग-प्रतिरोध सहायक दोनों ही प्रकार के प्रभावों के साथ स्वास्थ्य सुधार की दर में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है.
शीत लेज़र चिकित्सा एक ऐसी प्रक्रिया विकसित करती है जिससे दर्द, शोथ (इन्फ़्लैमेशन) तथा जलशोथ (एडीमा) में कमी आती है और उपापचय (मेटाबॉलिज्म), रक्त परिवहन और ऊतकों को निरोगी बनाने के कार्य में सुधार होता है.
उपचार 15–20 मिनट चलते हैं और पांच सप्ताह की अवधि में प्रति सप्ताह तीन बार दिये जाते हैं.


